केकड़ी में बसंत पंचमी पर दोहरा आयोजन: विद्यारंभ संस्कार के साथ नेताजी जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई
केकड़ी। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्री मिश्री लाल दुबे मेमोरियल संस्थान, केकड़ी में ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थान परिसर में माँ सरस्वती जयंती के उपलक्ष्य में विद्यारंभ संस्कार तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती (पराक्रम दिवस) का संयुक्त आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि चंद्र प्रकाश दुबे द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। पीले फूलों से सजे परिसर में विद्यार्थियों ने पीले वस्त्र धारण कर बसंत उत्सव की छटा को और आकर्षक बना दिया।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” के गगनभेदी नारों से वातावरण को देशभक्ति से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने बसंत ऋतु पर आधारित मनमोहक कविताएँ प्रस्तुत कीं, जबकि वरिष्ठ छात्रों ने नाटक के माध्यम से आज़ाद हिंद फौज के संघर्ष, त्याग और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से मंचित कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। देशभक्ति गीतों एवं समूह नृत्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।
प्रधानाचार्य नरेन्द्र कुमार पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी का दिन केवल ज्ञान की आराधना का ही नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के संकल्प का भी प्रतीक है। आचार्य विकास सिंह, दिनेश चौधरी तथा कक्षा 9 के छात्र नैतिक साहू और अक्षरा मोची ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।
इसी क्रम में एमएलडी बालिका विद्यालय में 22 नन्हें बच्चों का विद्यारंभ संस्कार विधि-विधान से सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. भगवान सिंह उपस्थित रहे। आयोजन की शुरुआत बिजासन माता मंदिर एवं बालाजी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया।
विद्यालय प्रवेश द्वार पर प्रधानाचार्य विनीता जोशी एवं संगीता कुमावत ने अभिभावकों का पारंपरिक रूप से चरण धोकर स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, वंदना एवं यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसका संचालन शास्त्री ब्रह्मानंद शर्मा ने किया। पाटी-पोती पूजन एवं हस्तलेखन की रस्म प्रधानाचार्य विनीता जोशी द्वारा संपन्न कराई गई।
संस्कार पूर्ण होने पर बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शैक्षिक सामग्री भेंट की गई। अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक शिशु कक्षाओं का अवलोकन किया। प्रधानाचार्य विनीता जोशी ने बताया कि विद्यारंभ संस्कार 16 संस्कारों में दसवां महत्वपूर्ण संस्कार है, जो बच्चे की शैक्षिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है।
संस्थान द्वारा आयोजित यह दोहरा कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और राष्ट्र नायकों के प्रति सम्मान का प्रेरणादायक उदाहरण बना। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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रिपोर्ट – [News daily hindi]
सम्पादक: मोहम्मद रज़ा



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