ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर 786 तिरंगों का वितरण, गणतंत्र दिवस से पहले देशभक्ति और भाईचारे का संदेश
अजमेर, सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की पावन दरगाह अजमेर शरीफ के बाहर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को 786 तिरंगों का भव्य वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अजमेरवासी तथा देश-विदेश से आए जायरीन शामिल हुए। पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति, सौहार्द और उत्साह से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के संयोजक हाजी मोहम्मद महमूद खान और नवाब हिदायत उल्ला ने बताया कि तिरंगा वितरण का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रीय पर्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना, देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना तथा गणतंत्र दिवस को उल्लास, गरिमा और भाईचारे के साथ मनाने का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह सदियों से अमन, इंसानियत और आपसी सद्भाव का प्रतीक रही है, और इसी पावन स्थल से देशप्रेम का संदेश देना अपने आप में विशेष महत्व रखता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धर्मेंद्र राठौर (पूर्व अध्यक्ष, आरटीडीसी) तथा राजकुमार जयपाल (शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में धर्मेंद्र राठौर ने कहा,
“गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सत्ता नहीं, संविधान सर्वोपरि है। समानता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय हमारे गणतंत्र की आत्मा हैं। ख्वाजा साहब की दरगाह जैसे अमन और भाईचारे के केंद्र से तिरंगे का वितरण यह संदेश देता है कि भारत की राजनीति नफरत नहीं, बल्कि संविधान और इंसानियत के रास्ते पर चलनी चाहिए।”
वहीं राजकुमार जयपाल ने अपने उद्बोधन में कहा,
“गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को याद करने का दिन भी है। ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, संविधान के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।”
कार्यक्रम के दौरान मदरसा दावत-उल-हक संस्था के छात्र-छात्राओं ने तिरंगा वितरण रैली निकाली और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। “सारे जहाँ से अच्छा” सहित कई राष्ट्रभक्ति तरानों से माहौल देशप्रेम के रंग में रंग गया। जायरीन और स्थानीय नागरिकों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
तिरंगा वितरण के दौरान युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। लोग तिरंगा हाथ में लेकर “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारे लगाते नजर आए। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
अंत में संयोजकों ने अजमेरवासियों तथा देश-विदेश से आए सभी जायरीन का आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि वे तिरंगे का सम्मान बनाए रखें, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करें और गणतंत्र दिवस को अमन, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं।
इस अवसर पर डॉ. द्रौपदी कोली, नौरत गुर्जर, काज़ी मुनव्वर अली, डॉ. अब्दुल माजिद चिश्ती, आरिफ हुसैन, एहतेजाज अहमद, हुमायूं खान, एहसान मिर्ज़ा, मोइनुद्दीन गोरी, हाजी आबाद, हाजी इरशाद अहमद, नूर मोहम्मद देशवाली, अकबर हुसैन, आदिल, साजिद, सलमान खान, बदरुद्दीन कुरैशी, हाजी कुतुबद्दीन बंदूकिया, असलम खंडेला, हुसैन अहमद, रिजवान हुसैन, मोहम्मद रेहान, अब्दुल वारिस, हाजी जमील, अज्जू कुरैशी, रियाज़ अहमद मंसूर, चांद भाई, हाजी गुलाम हुसैन, हरी प्रसाद, मोहम्मद आज़ाद, हाजी शामिरुल, मोहम्मद इकबाल, अल्ताफ ऊंटडा, कारी दाऊद खान, हाफिज सदरुद्दीन, अनवर हुसैन, भूपेंद्र चौहान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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रिपोर्ट – [News daily hindi]
सम्पादक: मोहम्मद रज़ा


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